सुबह से दिमाग में कुछ खटक रहा था कि आज कुछ विशेष दिन है, पर समझ नही आ रहा था क्या?
अभी ऐसे ही वर्डप्रेस खोल लिया तो ध्यान आया कि आज अपने इस चिट्ठे की चौथी सालगिरह है। लिखने के हिसाब से यह साल काफी सुस्त बीता है। हालांकि कई अन्य मोर्चों पर काफी क्रांतिकारी भी रहा। पिछले एक साल में मात्र ७ पोस्ट लिख पाया हूं। हालांकि लिखने लायक काफी कुछ हुआ इस दरमियान लेकिन प्राथमिकताएं कुछ और रहीं। पुस्तकें पढना भी बहुत कम हुआ इस साल, पर ब्लाग पढना बदस्तूर जारी रहा है।
पिछले कुछ दिनों से सोंच रहा था कि ब्लाग को पुनर्जीवित करना है। इस चौथी सालगिरह ने एक अच्छा बहाना दे दिया। अब देखते हैं यह कब तक हो पाता है।


बधाई आपको.
मौका खूबसूरत है ब्लॉग को पुनर्जीवित करने का.
आपकी पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी.
चौथी सालगिरह मुबारक हो!!
बधाई!
लिखना जल्द शुरू कीजिए। और ब्लाग पढें तो टिपिया तो दिया करें।
बधाई स्वीकारें.
हम भी अपने चिट्ठे की तारीख देखते हैं. बधाई पाने का अधिकार तो है ही.
बधाई..
Badhai Ho Bade bhai!!!
badhaiyaan !!
बधाई आपको.