कुछ दिन पहले सफर की कतरनें लिखते समय भारतीय रेले के स्लीपर क्लास डब्बों में साइड में तीसरी बर्थ घुसा देने से हुई परेशानी पर लिखा था…। कुछ अन्य लोगों ने भी इससे हुई परेशानी का जिक्र किया था। सागर भाई ने भी अपनी एक पोस्ट में इसका जिक्र किया था।
रेलवे की साइट पर हाल ही में एक opinion poll डाला गया है जिसमें इस असु्विधा सुविधा पर यात्रियों से प्रतिक्रिया माँगी गयी है। अन्य लोगों ने भी हाल में रेल यात्रा करते समय इससे होने वाली दिक्कतें भुगती होंगी मसलन सामान रखने के लिये कम जगह, बैठेने और लेटने के लिये के लिये कम जगह ( दिसम्बर में इन्दौर से मथुरा जा रहा था..साइड ऊपर के बर्थ पर लाख कोशिश के बाद भी खुद को फिट नही कर पाया..आखिरकार सीट बदलनी पडी)
Opinion Poll में भाग लेने के लिये यहाँ चपत लगायें।
फार्म के साथ के एक दिक्कत है कि आपकी यात्रा का सारा विवरण मांगता है., जो जरूरी नही की सबने संभाल कर रखा हो (PNR No., यात्रा तारीख, कोच एवं सीट न. आदि)


जानकारी का आभार. अब यात्रा की टिकट सम्भाल कर रखुंगा व अपना अनुभव पोल पर लिखूंगा.
वाकई में टिकट संभालकर रखना ही पड़ेगा, वरना लालू को कैसे पता चलेगा कि पूरा पैसा लेकर यात्रियों को “सूअर” की तरह ठूंसना किसे कहते हैं…
असुविधा पर ओपीनियन व्यक्त करने का माध्यम तो उपलब्ध हुआ।
पर पूरा फार्म भरने में पसीने छूट सकते हैं!
पर आप कहां हो..दिखते ही नहीं.