कल उन्मुक्त जी की इस चिट्ठी पर बडी दिलचस्प चर्चा पढने को मिली। एक तो वो दिल्ली में उनकी पसंदीदा किताबों की दुकान बुकवार्म बन्द होने से दुःखी थे और दूसरे अन्य किताबों की दुकानों पर सही माहौल ना होने को लेकर भी व्यथित थे। पढने का चलन कम होने के अलावा,टिप्पणियों में इस बात [...]
Archive for July, 2008
किताबों का भविष्य!
Posted in Book, किताबें, पुस्तक, विचार, हिन्दी, tagged उपन्यास, सुरेन्द्र मोहन पाठक, surendra mohan pathak on July 20, 2008 | 26 Comments »
किताब लिखने के बारे में क्या खयाल है?
Posted in Book, किताबें, पुस्तक, पुस्तक चर्चा, विचार, tagged कमलेश्वर, कितने पाकिस्तान, चेतन भगत, Books, chetan bhagat, five point someone, Harry Potter, kamleshwar, kitane pakistan, three mistakes of my life on July 3, 2008 | 21 Comments »
अभी हाल ही में चेतन भगत की नयी पुस्तक “Three Mistakes of My Life” पढी। एक टाइमपास किताब…बिना दिमाग लगाये पढने बैठिये, कुछ पात्र और घटनाएं आपको अपने आसपास की नजर आयेंगी…थोडा बहुत उनसे रिलेट करिये और ३-४ घंटे में खत्म करके अपने काम पर लगिये। यह पोस्ट “Three Mistakes of My Life” के बारे [...]

