ज़िन्दगी चल रही है। हमारे लिये, जो थोडे खुशकिस्मत थे कल शाम को…। पर जिन्होने अपने खोये हैं इन धमाकों मे…उनके लिये तो शायद सब कुछ बिखर गया। पूना से आये हुए वो छात्रों के परिवार, यो टी. वी. पर बिलख बिलख कर रोती दिखाई दी वो माँ और बाकी लोगों के परिवार, यार दोस्त….।
सुबह [...]
Archive for August, 2007
हैदराबाद में धमाके-ज़िन्दगी चल रही है…
Posted in Hyderabad, आतंकवाद, हैदराबाद on August 26, 2007 | 8 Comments »
हैदराबाद में धमाके
Posted in Hyderabad, हैदराबाद on August 25, 2007 | 5 Comments »
मई में मक्का मस्जिद में हुए बम विस्फोट के करीब तीन माह बाद हैदराबाद में फिर बम धमाके हुए हैं।
लुम्बिनी पार्क में एक बम फटा है। यहाँ हर शाम करीब ४५-४५ मिनट के लेज़र शो होते है..और शनिवार/रविवार की शाम को अपेक्षाकृत अधिक भीड रहती है।यह एक ओपन एयर थियेटर नुमा जगह है और एक [...]
चक दे इंडिया – ‘भारत माता’ की जय
Posted in फिल्म चर्चा, मनोरंजन, फ़िल्म on August 12, 2007 | 11 Comments »
अंडरडाग की जीत की कहानी अक्सर हम सब को पसंद आती है…जाने अन्जाने हम अपने आप को अंडरडाग से जुडा महसूस करते है… चाहे वो सिंड्रेला हो या हैरी पाटर, आमिर की लगान टीम हो या हिमेश रेशमिया या ७० के दशक का दबा कुचला एंग्री यंग मैन। आम आदमी, याने की अपन जैसे [...]
हैदराबाद: सात पसंदीदा बातें
Posted in चिट्ठा, यादें, हैदराबाद on August 9, 2007 | 13 Comments »
मौसम- अप्रेल अंत और मई शुरू को छोड दें…तो पूरा साल मौसम सन्ट रहता है एकदम…खूब सर्राटेदार हवा चलती है। ना ज्यादा गर्मी..न ज्यादा ठंड…और अच्छी बरसात।
खाना- खाने की परेशानी पर अपने शुरुआती दिनों में लिख चुका हूँ, बेचलर्स को ज्यादा समस्या होती है। लेकिन फिर भी, ’सिर्फ शाकाहारी’ होटल खूब मिल जायेंगे…
किताबें – क्या [...]
माइकल क्रिचटान की कुछ पुस्तकें और कूछ इधर उधर की
Posted in Climate Change, Michael Crichton, जलवायु परिवर्तन, पुस्तक, पुस्तक चर्चा, विचार, हैरी पोटर on August 5, 2007 | 17 Comments »
जरा सोंचिये, कैसा लगेगा अगर कोई आपसे कहे , कि आपके शरीर में एक विशेष जीन (Gene) मौजूद है, लेकिन…आप का उस पर कोई अधिकार नही। वो इसलिये, कि कोई बहुराष्ट्रीय बायोटेक कम्पनी अथवा अनुसंधानकर्ता उस जीन को पेटेन्ट करा चुके हैं। जब आपको ये पता चले कि उस जीन पर आपका स्वामित्त्व तो है [...]

