हर हफ्ते-दस दिन में देश को एक मुद्दा मिल जाता है। मुद्दा कुछ भी हो सकता है, कोई विवाद हो तो सोने पे सुहागा।…कहीं से भी उठ सकता है…सामान्यतः पहले मीडिया इसे लपकता /उठाता है…दृश्य-श्रव्य मीडिया पहले क्योंकि उसे २४ घंटे कुछ न कुछ दिखाना होता है..फिर अखबार-पत्र-पत्रिकाएं ले लेते हैं…बचा-कुछा कुछ चिट्ठेकार भी लपक [...]
Archive for July 5th, 2007
मुद्दे – आये भी वो, गये भी वो
Posted in मुद्दा, विचार on July 5, 2007 | 5 Comments »
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- ajaychoudhary on हरिओम पंवार – मैं घायल घाटी के दिल की धडकन गाने निकला हूं।
- Dr. Ishwer Singh on हरिओम पंवार – मैं घायल घाटी के दिल की धडकन गाने निकला हूं।
- vijay bharti on हरिओम पंवार – मैं घायल घाटी के दिल की धडकन गाने निकला हूं।
- bhupendra on हरिओम पंवार – मैं घायल घाटी के दिल की धडकन गाने निकला हूं।
- ajay on कम्प्यूटर पर पांच मिनट में हिन्दी लिखना/पढना सीखें । Read/Write Hindi in 5 Minutes on your Computer
- mohit on दैनिक पठन खुराक
- buntu Dhatiyan on हरिओम पंवार – मैं घायल घाटी के दिल की धडकन गाने निकला हूं।
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