ओरकुट को लेकर आजकल कई जगह हंगामा मचा हुआ है, सच कहें तो (महा)राष्ट्रीय स्तर की चिंता का विषय बना हुआ । पिछले दिनों मुंबई कुछ सायबर कैफ़े वालों के यहाँ तोड फोड कर दी गयी ।
लेकिन ये पोस्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नही लिख रहा, अपने एक मित्र की व्यथा और उससे लिये कुछ सबक को लेकर है। मेरा एक मित्र है जो भारत के सबसे बडे बैंकों में से एक में काम करता है, मुंबई में। पिछले हफ्ते किसी कारणवश हैदराबाद आया, तो घर पहुँचते ही उसने लेपटाप और इंटरनेट की मांग की। हमने पूंछा, कुछ बताओ तो, क्या हो गया। बोला बडा गजब हो गया, अभी रास्ते में फोन पर बापू जी की डांट खा कर आ रहा हूँ, बोल रहे थे कि तुम शराब – सिगरेट पीने लगे हो, कहीं तुम्हारा प्रोफाइल है, उसमें लिखा हुआ है? अब हमारी हँसी और मित्र की शकल देखते ही बनती थी ।
हुआ ये कि इसकी बात चल रही थी कहीं शादी की। अब लडकी या लडकी के खानदान में कोई (शायद मौसी..
) ओरकुट भक्त रहा होगा जिसने हमारे मित्र का प्रोफाइल सर्च मारा। प्रोफाइल मे इसने अपने नाम की जगह लिखा था, “Old Monk Rocks” और About Me वाले सेक्शन में लिख रखी थीं बडे बच्चन (Big B से भी बडे) की ये पंक्तियाँ
मैं कायस्थ कुलोदभव मेरे पुरखों ने इतना ढ़ाला,
मेरे तन के लोहू में है पचहत्तर प्रतिशत हाला,
पुश्तैनी अधिकार मुझे है मदिरालय के आँगन पर,
मेरे दादों परदादों के हाथ बिकी थी मधुशाला।
(ये खुद कायस्थ है) तो साहब, लडकी वाले ने इसके बापू को फोन किया, बोले जी सुना (पढा) है कि लडका पीता भी है, और तो और पूरा खानदान इसी काम में माहिर है, अच्छा खासा काम है आपका इसमें? और ये सब लडके के अपने प्रोफाइल में लिखा हुआ है। फिर क्या था, पिताजी ने दन्न से फोन मारा इधर और इसे हडका दिया । किस्मत थी की मित्र बेचारा पिताजी के हाथ की जद में नही था, अन्यथ झापड ही खाता, पिताजी को फोन पर ही लताड कर काम चलाना पडा । इसने भी फोन पर तो सारा इल्जाम अपने दोस्तों (याने हम जैसे किसी शरीफ शख्स) पर डाल दिया। वैसे प्रोफाइल अब बदल दिया है, पर Testimonials बदलना भूल गया शायद अभी, जिनमें कि कई पोल लिखी हुई हैं, और अपने फोटो भी। अगली बार कोई लडकी वाला पकडेगा तो वो भी डिलीट हो जायेंगे
तो बच्चों (बुजुर्ग भी) , इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है कि ओर्कुट पर ऐसी-वैसी बातें (जिनमें आप Cool और Funky दिखते हों अपने दोस्तो के बीच) ना लिखें, अच्छे बच्चे की तरह रहें ताकि फिर कभी कोई लडकी वाला या उसकी मौसी ये ना कह सके “हाय राम लडका पीता भी है? ”


हा हा, बहुत मजेदार वाक्या
अपने ब्लाग पर मैंने आर्कुट के बारे में जो कुछ लिखा है, आपकी बातों से उसे बल मिलता है.
बच गये….
वैसे अब हमे ऐसा कोई खतरा नही है
हा हा!! मजेदार!!
मजेदार ! सलाह देने के लिये धन्यवाद , आगे ध्यान रखूगाँ.
हम शादीशुदा लोगों के लिये भी कुछ सुझाव दीजिये …वैसे किस्सा मजेदार रहा..
सही है!
हा हा हा!
मस्त!
वैसे भैया, अपने तो बड़े भाई से लेकर भतीजे सब और्कुट में मौजूद है तो अपन ने ऐसी गलती नही की है।
भाइ अपन को भी ओरकुट पर जाना ही पडेगा
सारे ब्लोगरो का कच्चा चिट्ठा छापते है अब
काफ़ी दिनो से कोई पंगा लिया भी नही है
अब ले लेते है
मजेदार वाकया, कहीं यह अपनी कहानी तो नहीं जिसे आप अपने मित्र के नाम पर चढ़ा दिये हो। मैने सुना है आपके पिताजी भी आपको ऐसी ही किसी बात पर डँट रहे थे।
हमने तो अपने आप को ओर्कुट से पहले ही हटा लिया है ।
घुघूती बासूती
bagla ji..aapki post itte din baad padh ke bada achchaa laga..vaise zara ye to batao kaun mitra tha??
“laalajee ka fat gaya dhol”
“Beech bajariya khul gaya pol”
@bhaskar-i think the upper part answers ur question…
आप उनको बताते न कि अरे मौसी वैसे तो नहीं पीता बस कभी कभी जुआ हार जाए या फिर कोठे पर मुजरा सुनने गया हो तो पी लेता है।
इसे ही तो कहते है कि उधार का जामा कहीं भी इज्जत उतरवा सकता है। बोध पाठ यह है कि इंटरनेट पर कुछ भी उधार का लिखने के साथ कह दो भैय्ये ये हम नही बच्चन के पिताजी कहते थे और बाकी के डायलोग बच्चन जी मारते थे, हम तो बस उनके अंदाज मे दोहरा रहे है। न जाने कौन कब कहां देख रहा हो !!
जगदीश जी, संजय जी, आशीष , समीर जी, डा. साब, काकेश जी, अनूप जी, संजीत जी, अरुण जी , गिरिराज, प्रमेन्द्र- टिप्पणी के लिये धन्यवाद



सागर भाई-आप जानते हैं ऐसा नही है
घुघुती जी, आपने क्यों प्रोफाइल हटाया…बुजुर्गों को कोई खतरा नही है
भास्कर-आलोक ने जवाब दे दिया है…
आलोक-तुमने अच्छा नही हिया ये लिख कर
श्रीश
योगेश – शायद उसने लिख तो था कि पंक्तियाँ बच्च जी की हैं..पर दर्शा तो उसका प्रोफाइल रहीं थीं
यह भी खूब रही !!! ना छुऑ प्याला कभी, फिर भी मधुशाला सर चढ बॊल गयी !!!!
lag gayi.. kisore ki!!
bhai aisa pol khol mat karo
ab kahi search me tumhara blog par nahi pahuch jaye woh log
bacche ko kuvara hi maroge kya
गौरी, अखंड-टिप्पणी के लिये धन्यवाद
रोहित-कथा में नाम इसीलिये तो नही लिया भाई किसी का