लीजिये साहब, पंजाब में भाजपा-अकाली दल जीत गया, कांग्रेस को पटखनी दे दी और सरकार बना ली जायेगी| भाजपा बहुत खुश है, नेता गण बयानबाजियां कर रहे हैं…जीत उत्तरांचल में भी हासिल हुई है ।
पर इसमें नया क्या है?
जनता बेचारी क्या करे, उसे तो नागनाथ और सांपनाथ में से एक को चुनना था, पिछली बार नागनाथ को बैठाया था…लो भई सांपनाथ, इस बार तुम बैठ जाओ । और कोई आप्शन तो है नही बेचारी के पास, कोई लाइफलाइन भी नही है, मालूम है, काटेंगे दोनो, एक एक कर काटें यही बेहतर….भगवान ना करे, कभी एक साथ काटने लगे तो (कुछ भी हो सकता है ना) …जैसा कि यू. पी में हो जाता है अक्सर, कौन नागनाथ है और कौन सापँनाथ, सब मायाजाल नजर आता है वहां ।
लोकतंत्र की जय हो….
Satya vachan par hum dosharopan ke adhikari bhi nahin hain en nagnath aur saaanpnaath ko humne hi doodh pila ke pala hain,tamil nadu me ek ex iitians ne rajnitik dal banaya kisi kshetra me unhe 200 mat bhin nahin mile,janata ko amma autr ray ban uncle hi acche lage jo muft me rangeen tv baant rahe the.