एन्थोनी क्यों है????
August 6, 2006 by Nitin Bagla
जी हां, फ़िल्म का नाम तो है ‘एन्थोनी कौन है?’…पर पूरे दो ढाई घन्टे मैं बैठ कर यही सोंचता रहा कि ये ‘क्यों है.??’ भाई राजकौशल जी क्या बनाना चाहते थे, क्यों बनाना चहते थे और क्या बना गये ये शायद वो भी नही समझ पाये..और हम तो मूढ हैं ही।
पहले सोंचा होगा कि चलो एक कोमेडी बनाई जाये, अरशद-संजय की जोडी ठीक रहेगी, काम शुरु करते हैं…फ़िर मूड बदला, खयाल भी बदले….चलो एक थ्रिलर बनाने की कोशिश करते हैं…एक काम करते हैं..साथ में थोडी प्रेम कहानी भी डाल देते हैं..ह्म्म, जम नही रहा यार..चलो सबको मिला के एक खिचडी बना देते हैं…कहानी का क्या है…वो तो वैसे भी शुरू से अपने पास थी ही नही!!!और हां…२-४ गाने भी तो रखने होंगे ना फ़िल्म में…..जरूरत तो नही है, पर डाल दो यार, बिना कहानी की फ़िल्म, बिना गानों के अच्छी नही लगेगी…मार्केट में एक टोपी वाला बहुत चल रहा है आजकल, बनाता तो वो भी खिचडी ही है, पर अपनी खिचडी में उसकी खिचडी मिल जायेगी तो स्वाद शायद अच्छा बन पडे…तो ले लो उसे ही…उउउउउउउउउउउउउउउउउउ ..नही निर्माता के रोने की आवाज नही है, रेशमिया का संगीत है ये तो…
फ़िल्म की कहानी चूंकि है ही नही, सो उसके बारे में यहां कुछ नही लिखूंगा, कलाकारों के बारे में कुछ बता देते हैं..अगर आप फ़िल्म, संजय दत्त को देखने जा रहे हैं…तो ना ही जायें…अतिथी भूमिका है उनकी,फ़िल्म में उनसे ज्यादा रोल तो कबूतरों का है..अब कबूतर आपको पसंद हों तो बात अलग है। अरशद वारसी, फ़िल्म के नायक हैं…पर चूंकि फ़िल्म का कन्सेप्ट ही क्लीयर नही था, सो ना तो वो सर्किट्नुमा कोमेडी कर पाये, ना ही कुछ और..और हां, बहुत मोटे लगते हो कुछ जगहों पर यार…या तो तो बनियान पहना ना करो फ़िल्म में..या थोडी कसरत करना शुरू कर दो. हीरोइन मनीषा लाम्बा ..अच्छी हैं(वो क्या है, मैं महिलाओं की बुराई नही करता), और राजपाल यादव ने अपना रोल क्या सोंच कर स्वीकर किया, वो ही जाने..
शायद फ़िल्म की(या शायद हमारी) सबसे बडी समस्या ये थी, कि संजय-अरशद की जोडी से हम कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाये बैठे थे, और इसी वजह से हमारा गुस्सा यहां निकल रहा है। कुलमिला कर,मजा नही आया मामू!!! हम ये सलाह देंगे कि DVD मिल जाये तो ठीक पर थियेटर में जाके इस फ़िल्म पर पैसे बरबाद करने की गलती कतई ना करें….

यार - बहुत धन्यवाद आपका - हम आज ही दोपहर को इस फिल्म देखने के लिए डिसकस कर रहे थे - आपकी पोस्ट पढ कर लगा कि Corpurate देखहना सही रहे गा जो हमने आभी तक देखा नही।
हा हा हा.. अब तो देखनी ही पडेगी येह मूवी भी..